Friday, 13 February 2026

'वो पहली मुलाक़ात थी…' The Blurb Reveal

 

'वो पहली मुलाक़ात थी…'

शेरो-शायरी और कविताओं का अनूठा संग्रह

 

“इश्क़ एक हसीन सफ़र है, कभी मिलन की खुशी, तो कभी जुदाई का दर्द।”

 

 'वो पहली मुलाक़ात थी' एक ऐसी ही काव्यात्मक यात्रा है, जहाँ प्रेम के हर रंग को महसूस किया गया है। इन कविताओं में आपको अपनी पहली मोहब्बत की धड़कनें भी मिलेंगी, और टूटे हुए दिल की सिसकियाँ भी। यह किताब महज़ पन्नों का संग्रह नहीं, बल्कि उन्ही जज़्बातों, मीठी यादों और खामोश आँसुओं का संग्रह है।

यह किताब उन सभी के लिए है जिन्होंने कभी शिद्दत से किसी को चाहा है, जिन्होंने टूटे हुए दिल के टुकड़ों को समेटकर मुस्कुराना सीखा है, और जो जानते हैं कि अधूरी मोहब्बत भी अपने आप में मुकम्मल होती है। यह सिर्फ एक किताब नहीं, आपका हमसफ़र है। इस किताब का हर एक शेर आपके दिल को छू जाएगा, और हर एक कविता आपको अपनी ही दास्तान का हिस्सा लगेगी।

क्या आप तैयार हैं उस सफ़र पर जाने के लिए जहाँ दिल का टूटना भी एक कला है, और प्यार करना भी एक इबादत? इन पन्नों में खुद को तलाशिये, अपने अश्कों को पहचानिये, और शायद, मरहम भी पा लीजिये।

कुछ लफ़्ज़ मिलने की ख़ुशी के लिए, कुछ जुदाई के मलाल के लिए...

यहाँ सब संजोया है, बस आपके अहसास के लिए।


एक शहर, एक बचपन और चालीस साल

  चालीस साल बाद अपने जन्मस्थान झाँसी आया हूँ...जहाँ मैंने जीवन के शुरुआती दस साल बिताए। इस ट्रिप के लिए मन में इच्छा बहुत समय से थी बस प्लान...